Important! Ephesians 2:15 is a verse that had led countless followers of Yahushua to take a fatally wrong stand on Yahuwah's Torah. We need to understand what Paul meant by 'abolished in His flesh the enmity, that is, the law of commandments contained in ordinances.' Brother Tom Martincic does an excellent job in explaining these words within the context of Ephesians 2 other related scriptures. We need to share this presentation with our anti-Torah friends and family. Click here to listen to this critical study.
पापी की आशा: ये आदमी पापियों को स्वीकार करता है!

याहुवाह के पास आने के लिए आपको तब तक इंतजार करने कि जरूरत नहीं है जब आप पाप करना छोड़ दिया हो। अब ही आ जाइए। आप जैसे हैं वैसे ही, क्योंकि वह पापियों को स्वीकार करता है!

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क्यों बाइबिल पढ़ना महत्वपूर्ण है

सच में, याहुशुआ को उनके उपदेशों से अलग करना यह शैतान का प्रथम उद्देश्य है। हमें हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए, हमेशा पवित्रशास्त्र से तुलना करते रहना कि जो हमें सिखाया जा रहा वह सच है या नहीं!

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एक बार बचाया गया, हमेशा बचाया गया?

कई मसीही आज यह सिखाते हैं, कि बचाए हुए के पास "अनंत सुरक्षा" है, और जब कोई बचाया गया है, तो वह हमेशा के लिए बचाए रहेंगे। दुख की बात है, कि यह गैर-बाइबिल सिद्धांत कईयों को नींद की लोरी के तरह सुला रही है, और सुरक्षा की गलत आश्वासन में ले जा रही है।

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यह दिन याहुवाह के साथ

याहुवाह के साथ एक मज़बूत, सुखी और निजी संबंध बनाने का रहस्य है दैनिक समर्पण करना। दैनिक समर्पण के रहस्य को सीखें और याहुवाह के साथ चलने की सुख में प्रवेश करें!

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उद्धार व्यक्तिगत उपहार है: समूह उपहार नहीं

उद्धार एक उपहार है, लेकिन उस उपहार को प्रत्येक व्यक्ति अपने लिए स्वीकार करना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी और के लिए उद्धार स्वीकार नहीं कर सकता!

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दिव्य मार्गदर्शन: सीखिए कैसे व्यक्तिगत रूप से याह के इच्छा को जान सकें।

पृथ्वी के अंतिम संकट के समय से गुजरने वाले प्रत्येक विश्वासी व्यक्ति को, जितना प्रेरितों के समय में अनुभव किया गया, उससे भी कहीं ज्यादा स्वर्गीय पिता के साथ एक करीबी, और अधिक महत्वपूर्ण संबंध की आवश्यकता होगी। हर विश्वासी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है क्योंकि हर व्यक्ति की व्यक्तिगत स्थिति बहुत अलग होती है। इसके लिए पिता के साथ न केवल व्यक्तिगत संबंध की आवश्यकता होती है, बल्कि जब वह आपसे बात करता है तो उसकी आवाज़ सुनने और पहचानने की क्षमता की भी आवश्यकता होती है।

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आपके विश्वास को बढ़ाने के लिए ४ सरल कदम!

विश्वास वह हाथ है जो याह के वादों को पकडकर रखता है और स्वर्ग के महान से महान वादों को विनम्र विश्वासी के पास लाता है।

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सोचते हैं कि क्यों बुरे चीज़े होते हैं?

इस दुख भरी दुनिया में, दुखी दिल जानना चाहता है कि, क्यों? अगर याहुवाह प्रेम हैं, तो क्यों बुरे चीज़ें होने से नहीं रोकते हैं? वास्तव में, बहुत अच्छे वजह हैं कि क्यों याहुवाह हमेशा त्रासदियों को रोकता नहीं है, लेकिन वह हमेशा हर कदम पर मजबूत और प्रोत्साहित करने के लिए मौजूद रहता है।

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याहुशुआ: हमारा महायाजक

याहुवाह के अनंत ज्ञान और असीम प्रेम ने एक योजना बनाई जिससे पापी मनुष्य को दिव्य कृपा में बहाल किया जा सके। इस योजना ने मानव जाति को शैतान के नियंत्रण से, और कानूनी छुडौती से भी कहीं ज्यादा ऊँचा उठाया। यह मानव आत्मा के अंदर दिव्य चरित्र की बहाली भी कहलायी जाता है। और यह वही काम है जिसे याहुशुआ अभी भी करने में लगा हुआ है।

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याहुवाह की मुहर

याहुवाह की मुहर धरती पर उपस्थित हर जीवित आत्मा के लिए एक बहुमूल्य उपहार है। जब याहुवाह के क्रोध का कटोरा (जो बिना कृपा का होगा) इस पापी और अपश्चातापी दुनिया पर उंडेला जाएगा तब सिर्फ याहुवाह की मुहर ही अनंत जीवन और जरूरी आत्मिक सुरक्षा दे सकती है।

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पवित्रशास्त्र का स्मरण करना : यह जीवन और मृत्यु का मामला है

पवित्रशास्त्र, मसीही विश्वास के तथ्यों या सिद्धांतों का सुदृढ़ आधार है। यह अनंत जीवन की ओर याह की प्रेरणा का दिशा-निर्देशा है। सभी, जो सच्चे दिल से याहुवाह और उनकी धार्मिकता का अनुकरण करते हैं, वे बाइबिल कि अध्ययन करने और उसमें रहने वाले जीवित शब्दों को याद करने को प्रतिबद्ध करने कि आदत डालेंगे। याहुवाह के वचन के अध्ययन की उपेक्षा करना जीवन पर मृत्यु का चुनना होगा। यह इतनी गंभीर बात है, क्योंकि यदि हम उनके वचन की बढ़ती हुई रोशनी में नहीं चल रहे हैं, तो हम मृत्यु की छाया के बढ़ते अंधेरे में बैठे रह जाते हैं।

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ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली वादा!
याहुवाह चाहते हैं कि उनके नाम में रहने वाले वादे को जानें और उसका उपयोग करें। इसलिए पवित्रशास्त्र बार-बार विश्वासीयों को “याहुवाह के नाम पर पुकारने” की आग्रह करता है।
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याहुशुआ : मेरे लिए उसका जीवन
यह सच कि याहुशुआ “जो हर एक पक्ष में हमारे समान ही परखे गए फिर भी निष्पाप ही रहे;” सब को प्रोत्साहित करता है कि हम भी जयवंत हो सकते जिस प्रकार से हमारे मसीह जयवंत हुए। पाप और शैतान की लड़ाई में याहुशुआ की निरंतर जीत का रहस्य उसके पिता की शक्ति पर उसकी लगातार निर्भरता में पाया गया। वह ऐसा कोई भी शक्ति का अभ्यास नहीं किया जो हम विश्वास के द्वारा नहीं कर सकते।
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पृथ्वी में से पशु: भविष्यवाणी में संयुक्त राष्ट्र

प्रकाशितवाक्य की पुस्तक एक दिव्य उपहार है। इसमें, याहुवाह ने अपने लोगों को आगे के दिनों के बारे में जानने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। प्रतीकों का उपयोग करके, स्वर्ग ने उन प्राथमिक शक्तियों को प्रकट किया है जो याहुशुआ के दूसरे आगमन से ठीक पहले उसके संतों के भेष में याहुवाह का विरुद्ध युद्ध करेंगे। भविष्यवाणी ने पूर्व सूचना दी कि सभी शक्तियों में से एक जो पूरी पृथ्वी पर महान अधिकार का प्रयोग करेगा वो संयुक्त राज्य अमेरिका है!

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अश्लील सामग्री देखना: आत्मा को नष्ट करता है!
हर पापमयी कार्य की जड़ जो हमेशा पापमयी स्वभाव में पाई जाती है वो हृदय में बसी हुई होती है। एक पाप जो सभी आयु वर्गों के शादीशुदा और कुवारों में तेजी से महामारी का रूप लेकर पहुँच गया वो पोर्नोग्राफ़ी है। जो लोग पोर्नोग्राफी की सड़क पर यात्रा करते हैं अंततः उनका चरित्र विनाश पर ही खत्म होगा।
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अन्य भाषाओं में बोलना
याहुवाह ने पृथ्वी पर अपने लोगों के ऊपर प्रचुर दान प्रदान कर दिये है। सबसे पेचीदा, और अभी तक कम समझा गया स्वर्ग से प्रदान किया गया दान, भाषाओं में बोलने का है। यह लेख जांच करता है कि धर्मशास्त्र के अनुसार “भाषाओं में बोलने’ का असली अर्थ क्या होता है।
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समलैंगिको के लिए याह का प्रेम
दुर्भाग्यवश, कई लोग जो “मसीही” होने का दावा करते हैं, अक्सर दूसरों कि नंदा करते हैं जिनके पाप उनके आपने पापों से कम या अलग या कम माने जाते हैं। शायद इस दुखद सत्य को इतनी स्पष्टता से कहीं और नहीं दिखाया जाता है जितना कि समलैंगिकता के विषय में दिखाया जाता है। पवित्रशास्त्र बहुत ही स्पष्ट है कि, समलैंगिकता एक पाप है और कोई भी पापी, भले ही किसी भी तरह का पाप क्यों न हो, स्वर्ग में प्रवेश नहीं करेगा। यदि कोई भी अनंत जीवन को पाना चाहेगा उसे दूसरे तरह के पापों के साथ ही साथ, समलैंगिकता के पाप को भी याहुशुआ के हवाले कर देना चाहिए।
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हस्तमैथुन की लत
कई तरह से शैतान आत्मा को भ्रष्ट करने और पवित्रता को नष्ट करने की कोशिश करता है, जोकि यौन अशुद्धता है। व्यभिचार, परस्त्रीगमन और अश्लील साहित्य को व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है, जो मन को भ्रष्ट करते हैं और शैतान के प्रलोभनों को रोकने वाले दरवाज़ों को और भी अधिक खोलते हैं। हालांकि, एक और क्षेत्र भी है जो आत्मा को शैतान के नियंत्रण में लाता है। विषय की असुविधा के कारण इसकी अक्सर चर्चा नहीं की जाती। वो क्षेत्र है हस्तमैथुन।
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टूटे बाडे के सुधारक
स्वर्ग के सभी नियुक्त समयों पर उपासना के दिनों को बहाल करना दुनिया के अंत के निकट होने का चिन्ह है। इन अंतिम दिनों में विश्वासी, याहुवाह के पर्वों का पालन करेंगे क्योंकि वे व्यवस्था का पालन करने वाले जन हैं, व्यवस्था को तोड़ने वाले नहीं। याहुवाह की व्यवस्था उनके लिए बहुत ही कीमती है और वे अपनी प्रेम-मयी आज्ञाकारिता के द्वारा अपने बनाने वाले का आदर करते हैं।
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अंधियारा दूर करना :दिन कब शुरू होता है?
विरोधी ने सातवें-दिन सब्बात को खोजने के उपयोग में होने वाले कैलेंडर को बदलने के द्वारा सृष्टिकर्ता को योग्य उपासना को चुरा लिया। परंतु सिर्फ यही नहीं जो उसने बदल दिया। बल्कि उसने यह भी बदल दिया कि दिन कब शुरू होता है!
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