Yahushua a [mere] man
When we affirm this fact, we are stating that he had a single nature, which was 100% human. The Bible does not speak about a dual nature Christ, fully divine and fully human. Such teaching is nonsensical, which Trinitarians and Oneness believers promote. WLC has freed itself from these falsehoods. Yahushua was a mere man up to his death. But after Yahuwah raised him from death, He elevated him above all angels and made Him second to Him alone. Such glorification was because he perfectly fulfilled Yahuwah's intent for humanity. Placing our complete trust in this Christ will avail us eternal life. The dual nature christ does not exist anywhere, and those who trust this non-existent [fictional] christ will forfeit their claim to eternal life. Click here to enjoy listening to this lecture on this subject by Bill Schlegel.
फुर्सत और समय का उपहार

याहुवाह बहुत ही उदार पिता हैं। उनके अधिकांश उपहार उनके सांसारिक बच्चों द्वारा पहचाने नहीं जाते और अनजाने में चले जाते हैं जो उनके महत्व नहीं समझते हैं। लकिन सभी को यह याद रखने की जरूरी है कि, "क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है" (याकूब १:१७) एक उपहार जिसे शायद किसी भी अन्य उपहार से अधिक अनदेखा किया जाता है वह है समय का उपहार।

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बुलाए गए लोगों के लिए विवाह समारोह

विवाह में एक आदमी और एक औरत का जुड़ना पवित्र और खुशी का समय है। यह आलेख आम तौर पर पुछे जाने वाले प्रश्नों का जवाब देता है, याह-आशीष्ति विवाह, परंपराएँ, विवाह का प्रमाण-पत्र और भी बहुत कुछ।

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लेने से देना अधिक धन्य है . . . .

जब कोई घर में एक्लेसिया स्थापित करता है तो यह जानना अक्सर मुश्किल होता है कि दशमांश और भेंट के साथ क्या करना है। यह लेख दशमांश और भेंट पर बाइबिल के सिद्धांतों की पड़ताल करता है और सुझाव देता है कि कैसे उन्हें याहुवाह को लौटाया जा सकता है, यहां तक ​​कि घर में एक्लेसिया रखते हुए भी।

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प्रार्थना : आत्मा की साँस

“प्रार्थना आत्मा की साँस है। यह आत्मीय शक्ति का रहस्य है। अनुग्रह के किसी अन्य साधन को प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है और फिर भी आत्मा के स्वास्थ्य को संरक्षित किया जा सकता है। प्रार्थना हृदय को जीवन के स्रोत के साथ तुरंत संपर्क में लाती है, और धार्मिक अनुभव की नस और मांसपेशियों को मजबूत करती है।"

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विश्वास ही विजय है!

सभी जो सच्ची सब्बात को स्वीकारते हैं, वे ऐसे मुश्किलों का सेमना करेंगे जो इन्सान द्वारा सुलझाया नहीं जा सकता। याहुवाह ऐसे परिक्षाओं को अनुमति देते हैं ताकि उनके बच्चे उनको ढूँढ सकें। यह केवल तभी होता है जब वाचा-रखने वाले एलोह के द्वारा दुर्गम समस्याओं का समाधान किया जाता है, एक व्यक्ति का विश्वास मजबूत होता है और विश्वास आज याह के बच्चों की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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मसीही और अलंकरण

मनुष्य के मन के लिए, जो मूल रूप से उसके सृष्टिकर्ता की छवि में बनाया गया था, सुंदरता का आनंद लेना और उसकी इच्छा करना स्वाभाविक है। सबसे आम क्षेत्रों में से एक जिसमें लोग सुंदरता की अपनी इच्छा पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वह है व्यक्तिगत अलंकरण। अपने बाह्य रूप की ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करना घमंड का शिकार होना है, वह पाप जिसके लिए लूसिफर गिर गया। विश्वासी, इन अंतिम दिनों में, स्वर्ग की पवित्रता को विचलित करने वाली या गलत तरीके से प्रस्तुत करने वाली हर चीज को अलग रख देंगे।

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आत्मा में और सच्‍चाई में आराधना करना

चाहे आप एक छोटे समूह के साथ आराधना कर रहे हों, या केवल अपने परिवार के साथ, या अपने आप से, घर पर उपासना करते समय एक समृद्ध सब्बात के दिन का आशीर्वाद प्राप्त करना संभव है।

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सब्बात में प्रसन्न होना

सब्बात रखना एक भोझ नहीं बल्कि खुशी है! सब्बात को आनंदमय पाने का रहस्य सीखिए।

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यह दिन याहुवाह के साथ

याहुवाह के साथ एक मज़बूत, सुखी और निजी संबंध बनाने का रहस्य है दैनिक समर्पण करना। दैनिक समर्पण के रहस्य को सीखें और याहुवाह के साथ चलने की सुख में प्रवेश करें!

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दिव्य मार्गदर्शन: सीखिए कैसे व्यक्तिगत रूप से याह के इच्छा को जान सकें।

पृथ्वी के अंतिम संकट के समय से गुजरने वाले प्रत्येक विश्वासी व्यक्ति को, जितना प्रेरितों के समय में अनुभव किया गया, उससे भी कहीं ज्यादा स्वर्गीय पिता के साथ एक करीबी, और अधिक महत्वपूर्ण संबंध की आवश्यकता होगी। हर विश्वासी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है क्योंकि हर व्यक्ति की व्यक्तिगत स्थिति बहुत अलग होती है। इसके लिए पिता के साथ न केवल व्यक्तिगत संबंध की आवश्यकता होती है, बल्कि जब वह आपसे बात करता है तो उसकी आवाज़ सुनने और पहचानने की क्षमता की भी आवश्यकता होती है।

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आपके विश्वास को बढ़ाने के लिए ४ सरल कदम!

विश्वास वह हाथ है जो याह के वादों को पकडकर रखता है और स्वर्ग के महान से महान वादों को विनम्र विश्वासी के पास लाता है।

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सोचते हैं कि क्यों बुरे चीज़े होते हैं?

इस दुख भरी दुनिया में, दुखी दिल जानना चाहता है कि, क्यों? अगर याहुवाह प्रेम हैं, तो क्यों बुरे चीज़ें होने से नहीं रोकते हैं? वास्तव में, बहुत अच्छे वजह हैं कि क्यों याहुवाह हमेशा त्रासदियों को रोकता नहीं है, लेकिन वह हमेशा हर कदम पर मजबूत और प्रोत्साहित करने के लिए मौजूद रहता है।

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पवित्रशास्त्र का स्मरण करना : यह जीवन और मृत्यु का मामला है

पवित्रशास्त्र, मसीही विश्वास के तथ्यों या सिद्धांतों का सुदृढ़ आधार है। यह अनंत जीवन की ओर याह की प्रेरणा का दिशा-निर्देशा है। सभी, जो सच्चे दिल से याहुवाह और उनकी धार्मिकता का अनुकरण करते हैं, वे बाइबिल कि अध्ययन करने और उसमें रहने वाले जीवित शब्दों को याद करने को प्रतिबद्ध करने कि आदत डालेंगे। याहुवाह के वचन के अध्ययन की उपेक्षा करना जीवन पर मृत्यु का चुनना होगा। यह इतनी गंभीर बात है, क्योंकि यदि हम उनके वचन की बढ़ती हुई रोशनी में नहीं चल रहे हैं, तो हम मृत्यु की छाया के बढ़ते अंधेरे में बैठे रह जाते हैं।

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ब्रह्मांड में सबसे शक्तिशाली वादा!
याहुवाह चाहते हैं कि उनके नाम में रहने वाले वादे को जानें और उसका उपयोग करें। इसलिए पवित्रशास्त्र बार-बार विश्वासीयों को “याहुवाह के नाम पर पुकारने” की आग्रह करता है।
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अश्लील सामग्री देखना: आत्मा को नष्ट करता है!
हर पापमयी कार्य की जड़ जो हमेशा पापमयी स्वभाव में पाई जाती है वो हृदय में बसी हुई होती है। एक पाप जो सभी आयु वर्गों के शादीशुदा और कुवारों में तेजी से महामारी का रूप लेकर पहुँच गया वो पोर्नोग्राफ़ी है। जो लोग पोर्नोग्राफी की सड़क पर यात्रा करते हैं अंततः उनका चरित्र विनाश पर ही खत्म होगा।
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समलैंगिको के लिए याह का प्रेम
दुर्भाग्यवश, कई लोग जो “मसीही” होने का दावा करते हैं, अक्सर दूसरों कि नंदा करते हैं जिनके पाप उनके आपने पापों से कम या अलग या कम माने जाते हैं। शायद इस दुखद सत्य को इतनी स्पष्टता से कहीं और नहीं दिखाया जाता है जितना कि समलैंगिकता के विषय में दिखाया जाता है। पवित्रशास्त्र बहुत ही स्पष्ट है कि, समलैंगिकता एक पाप है और कोई भी पापी, भले ही किसी भी तरह का पाप क्यों न हो, स्वर्ग में प्रवेश नहीं करेगा। यदि कोई भी अनंत जीवन को पाना चाहेगा उसे दूसरे तरह के पापों के साथ ही साथ, समलैंगिकता के पाप को भी याहुशुआ के हवाले कर देना चाहिए।
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हस्तमैथुन की लत
कई तरह से शैतान आत्मा को भ्रष्ट करने और पवित्रता को नष्ट करने की कोशिश करता है, जोकि यौन अशुद्धता है। व्यभिचार, परस्त्रीगमन और अश्लील साहित्य को व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है, जो मन को भ्रष्ट करते हैं और शैतान के प्रलोभनों को रोकने वाले दरवाज़ों को और भी अधिक खोलते हैं। हालांकि, एक और क्षेत्र भी है जो आत्मा को शैतान के नियंत्रण में लाता है। विषय की असुविधा के कारण इसकी अक्सर चर्चा नहीं की जाती। वो क्षेत्र है हस्तमैथुन।
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महान और कीमती वादे।

पृथ्वी के इतिहास के इन बंद होते दिनों में अनंत जीवन प्राप्त करने की वास्तविक कीमत अब सुस्पष्ट रूप से प्रकट है। स्वर्ग को पाने के लिए सब कुछ देने की आवश्यकता होगी। नई परिस्थितियां उठेंगी जो मानव ज्ञान की तुलना में अधिक बुलायेंगी। इसमें भी, जिस प्रकार अन्य परिस्थितियों में, याहुवाह ने हर समस्या के लिए एक समाधान उपलब्ध कराया है। याहुवाह के वचन में जो यह कहता है करने की शक्ति होती है। इसलिए, उसके सबसे बड़े और कीमती वादों की मांग करें! वे आपके लिए उसका उपहार है। आप सुरक्षित रूप से सभी वादों पर आराम कर सकते हैं, क्योंकि वे याह के वचन और उसमें जो वो कहते हैं करने की शक्ति है।

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मदिरा उपहासक है | क्या मसीहियों को मदिरा पीना चाहिए?

अल्कोहल का सेवन एक ऐसा क्षेत्र है जिसने कुछ लोगों को भ्रमित कर दिया है. क्योंकि बाइबल में बहुत से धर्मी लोग जिन्होंने यहुवाह से प्रेम किया और उसकी सेवा की के मदिरा-पान का वर्णन है, यह प्रश्न पूछा जाता है कि क्या यह ऐसा कुछ है जो यहुवाह के लोग बिना पाप किये कर सकते हैं?  

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